When Love becomes Devotion
कुछ हमारा भी
रातों के तारें लेकर
इक माला पिरोनी है
थोडी सी हँसी लेकर
पलकों की नमी लेकर
कली की हया लेकर
इक चुनरी सजानी है
शहनाई के सुर लेकर
बंसी की धुन लेकर
इक सरगम सुनानी है
सूरज की आंख लेकर
चन्दा के पंख लेकर
किरणों को संग लेकर
इक दिया सजाना है
हलकी सी उदासी लेकर
छलके से आंसू लेकर
खोये से सपने लेकर
इक चुभन छुपानी है
मीरा की टीस लेकर
अपनी प्रीत लेकर
इक ज़िंदगी जीनी है

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